हैदराबाद के निजाम कालेज मैदान पर गत 17 फरवरी, 2011 को संप्रग सरकार के कार्यकाल में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ राजग द्वारा देशभर में आयोजित की जा रही महारैली की कड़ी में पूर्व प्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी ने केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह पर जमकर निशाना साधा। श्री आडवाणी ने कांग्रेस नेतृत्ववाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल को "स्वतंत्र भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार" की संज्ञा देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह गठबंधन धर्म की आड़ में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी सफाई देने के लिए टेलीविजन चैनलों के संपादकों के साथ वार्ता के दौरान जो बयान दिया उस पर उन्हें तरस आता है। उन्होंने कहा, "यह कैसे प्रधानमंत्री हैं जो साझा सरकार को चलाने के लिए भ्रष्टाचार के साथ समझौता करते हैं। मैंने 1977 में मोरारजी देसाई की साझा सरकार तथा श्री अटल बिहारी वाजपेयी की साझा सरकार में कार्य किया है, लेकिन दोनों ही प्रधानमंत्रियों ने कभी भी भ्रष्टाचार के साथ समझौता नहीं किया।" उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार का एक धर्म अवश्य होता है, लेकिन इसका पालन सभी को करना होता है और किसी को मजबूर होकर गलत बातों का साथ नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजग के शासनकाल के दौरान तीन नये राज्यों झारखंड, छत्तीसगढ़ व उत्तरांचल का गठन किया गया था तथा भाजपा तेलंगाना का भी गठन करना चाहती थी, लेकिन चूंकि तेलुगु देशम् पार्टी उस समय इसके खिलाफ थी, तो गठबंधन सरकार के धर्म का पालन करते हुए हमने यह प्रस्ताव त्याग दिया। लेकिन गठबंधन धर्म के नाम पर हमने किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि 2 जी स्पेक्ट्रम पर संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग को लेकर पूरा शीतकालीन सत्र बेकार हो गया, फिर भी सरकार राजी नहीं हुई। शीतकालीन सत्र के खराब होने के बावजूद लोगों का यह मानना है कि विपक्ष को संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग पर अड़े रहना चाहिए। यह इस बात का प्रतीक है कि देश की जनता भी यही चाहती थी।
महारैली को जनता दल (यू) के नेता शरद यादव, शिरोमणि अकाली दल के नेता बलविंदर सिंह भुंदर, भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी, मुख्तार अब्बास नकवी, वेंकैया नायडू, बंगारू लक्ष्मण और आंध्र प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष श्री किशन रेड्डी ने भी संबोधित किया।
रैली को संबोधित करते हुए श्री शरद यादव ने कहा कि पहले भी मोरारजी भाई, विश्वनाथ प्रताप सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी की गठबंधन सरकारें थी और उन पर कभी भ्रष्टाचार के इतने गंभीर आरोप नहीं लगे। भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि आंध्र प्रदेश में लगभग 5000 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इन किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला, जबकि इस राज्य से 33 कांग्रेसी सांसद चुने गए हैं। तेलंगाना मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मौजूदा बजट सत्र में यदि विधेयक प्रस्तुत किया जाता है तो भाजपा उसका पूरा समर्थन करेगी। द
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