श्री बड़ाबाजार कुमारसभा पुस्तकालय द्वारा आचार्य विष्णुकांत शास्त्री व्याख्यानमाला मनुष्य की ऊर्जा को समृद्ध किया था रामकृष्णदेव ने -डा. कृष्ण बिहारी मिश्र, प्रख्यात साहित्यकार


गत 3 मई को श्री बड़ाबाजार कुमारसभा पुस्तकालय, कोलकाता के तत्वावधान में स्थानीय महाजाति सदन सभागार में आचार्य विष्णुकांत शास्त्री स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। इसके अन्तर्गत "परमहंस रामकृष्णदेव के लीला प्रसंग का मानवीय पक्ष" विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात साहित्यकार डा. कृष्ण बिहारी मिश्र ने कहा कि परमहंस रामकृष्णदेव ने अपनी लीला से मनुष्य के भीतर की ऊर्जा को जगाकर उसे समृद्ध किया था। नकलची आधुनिकता के तमस से उभरने के लिए उन्होंने युवकों को तैयार किया था। स्वामी विवेकानंद उन्हीं में से एक थे। आचार्य विष्णुकांत शास्त्री के शील तथा पांडित्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने जमाने में अप्रतिम थे।

कार्यक्रम के अध्यक्ष भारतीय भाषा परिषद् के निदेशक डा. विजय बहादुर सिंह ने कहा कि समाज को सुधारने के लिए केवल श्रद्धांधता की नहीं, कुछ करने की जरूरत है।

स्वागत वक्तव्य में डा. प्रेमशंकर त्रिपाठी ने आचार्य विष्णुकांत शास्त्री के साथ बिताए अपने बहुमूल्य क्षणों की चर्चा करते हुए परमहंस रामकृष्णदेव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। धन्यवाद ज्ञापन में पुस्तकालय के पूर्व अध्यक्ष श्री जुगलकिशोर जैथलिया ने आश्वस्त किया कि परमहंस रामकृष्णदेव जैसे महापुरुषों का प्रभाव आचार्य शास्त्री के विचारों से पोषित श्रोताओं पर अवश्य पड़ेगा और समाज को बदलने की एक प्रक्रिया अवश्य आरम्भ होगी। कार्यक्रम का संचालन साहित्यमंत्री श्रीमती दुर्गा व्यास ने किया। मंच पर पुस्तकालय के उपाध्यक्ष श्री महावीर बजाज एवं मंत्री श्री नन्द कुमार लढ़ा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती शशि मोदी ने श्री रामवंदना से किया तथा मंचस्थ अतिथियों ने आचार्य शास्त्री के चित्र पर पुष्पार्पण द्वारा समस्त सभागार की श्रद्धा समर्पित की। इस अवसर पर महानगर के विशिष्ट साहित्यकार, समाजसेवी तथा विविध क्षेत्रों में कार्यरत अनेक गण्यमान्यजन उपस्थित थे। द प्रतिनिधि

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