प. बंगाल - बासुदेब पाल


अब सुन्दर वन को असुन्दर बनाएंगे माओवादी

पुलिस की सक्रियता एवं संयुक्त कार्रवाई दल की कड़ी कार्रवाई से मेदिनीपुर, पुरुलिया एवं बांकुड़ा जिलों में सक्रिय माओवादियों की नींद हराम है। अब वे छिपने के नए अड्डे की तलाश करते-करते पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्र यानी सुन्दर वन में शरणस्थली बना रहे हैं। उनके लिए यहां आया आइला तूफान एवं गरीबी सहायक सिद्ध हो रही है। पश्चिम बंगाल पुलिस के गुप्तचर विभाग को इस विषय में पुख्ता जानकारी मिल चुकी है।

बंगाल सरकार के सुन्दर वन विकास मंत्री कान्ति गांगुली ने भी पुलिस को पत्र लिखकर माओवादी गतिविधियों के बारे में सचेत किया है। पत्र में उन्होंने कहा कि यह एक भयावह संकेत है। माओवादियों ने दूसरे नाम से एक कमेटी बना ली है। यहां 4 प्रतिशत गरीब जनजातियों के अलावा दूसरे लोगों से भी माओवादी समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार सुन्दर वन के ग्रामीण बीहड़ों में लालगढ़ की पुलिस संत्रास विरोधी जनगण कमेटी की तरह आदिवासी जनता विकास कमेटी बनायी गई है। उधर डायमण्ड हारबर के कुछ इलाकों में भी माओवादी गतिविधियों के समाचार प्राप्त हुए हैं।

राज्य पुलिस के पुलिस महानिदेशक भूपिन्दर सिंह का भी कहना है कि माओवादी जंगल महल से दूसरी ओर अपने पैर जमाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि जहां विकास नहीं हुआ है, ऐसे इलाके में ही माओवादी अधिक सक्रिय रहते हैं। सुन्दर वन की नई कमेटी ने कुछ टापुओं में गुपचुप तरीके से छोटी-छोटी बैठक की हैं। कुछ जगहों पर सरकार विरोधी पोस्टर भी चिपकाए हैं। लेकिन अब तक किसी बड़े स्तर के माओवादी नेता का नाम यहां सुनने को नहीं मिला है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार माओवादी पूर्वी एवं पश्चिम मिदनापुर से सुन्दर वन तक दक्षिण 24 परगना जिले में एक गलियारा बनाना चाहते हैं ताकि यहां से वे लोग आसानी से बंगलादेश भाग सकें।द

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