जम्मू-कश्मीर द विशेष प्रतिनिधि - सुरक्षा में ढील से बढ़ रही है घुसपैठ


जैसी कि संभावना व्यक्त की जा रही थी, ग्रीष्म ऋतु आरम्भ होते ही सीमा पार से बड़े स्तर पर घुसपैठ तथा शस्त्रों की तस्करी आरम्भ हो गई है। अप्रैल मास के पहले सप्ताह में ही 20 घुसपैठिए मारे गए हैं जबकि घुसपैठियों से लोहा लेते हुए सुरक्षा कर्मी भी शहीद हुए हैं और कुछ घायल हुए हैं। इसके अतिरिक्त सीमावर्ती क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में गोलाबारूद व शस्त्र आदि बरामद हुआ है।

यह तो पहले से ही माना जा रहा था कि उस पार आतंकवादियों के प्रशिक्षण तथा उनकी गतिविधियों में कोई कमी नहीं हुई है। यह भी समाचार थे कि पाकिस्तानी सैनिक घुसपैठ करवाने की तैयारियों में लगे हैं। किन्तु अब यह प्रश्न उत्पन्न होने लगा है कि यह घुसपैठ तथा शस्त्रों आदि की तस्करी कैसे संभव हो रही है। विशेषकर जब नियंत्रण रेखा तथा जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्र में घुसपैठ रोकने के लिए कांटेदार तार लगाई गई हैं तथा कई संवेदनशील स्थानों पर आधुनिक प्रकार के उपकरण भी लगाए गए हैं, जिनसे दिन हो या रात घुसपैठियों के प्रयत्नों का पता लग सकता है।

सीमावर्ती जिला राजौरी के कालाकोट क्षेत्र तथा कुपवाड़ा में इन दिनों जो उग्रवादी मारे गए हैं उनके विषय में यही बात उभरकर सामने आई है कि ये उग्रवादी कुछ ही दिन पूर्व घुसपैठ करके इस ओर आए थे। इनसे जो आधुनिक प्रकार के यंत्र तथा सेटेलाइट फोन मिले हैं उनके सम्बंध में कहा जाता है कि प्राय: यह यंत्र आतंकवादी कमाण्डरों को ही दिए जाते हैं जिनका सीधा सम्पर्क उस पार से आतंकवाद का नियंत्रण करने वाले बड़े कमाण्डरों के अतिरिक्त पाकिस्तान की आई.एस.आई. के अधिकारियों के साथ रहता है।

राजौरी के कालाकोट क्षेत्र में मारे गए 16 आतंकवादियों में से 12 के पास से सैटेलाइट फोन तथा विशेष प्रकार के आधुनिकतम यंत्र मिले हैं जिन्हें गुरिल्ला युद्ध के लिए प्रयोग में लाया जाता है। मारे गए आतंकवादी किन मार्गों से घुसपैठ करके सीमा से इतनी अंदर तक पहुंचे और यह घुसपैठ कैसे हुई इस सम्बंध में उच्च स्तर पर छानबीन की जा रही है किन्तु विपक्ष के कई नेताओं, विशेषकर पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री प्रो. चमन लाल गुप्ता ने इस सम्बंध में सत्ताधारी नेताओं की कार्यप्रणाली और सोच पर उगंलियां उठाई हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह घुसपैठ तथा आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि सुरक्षा प्रयासों में ढील के कारण संभव हुई है।

प्रो. गुप्ता ने कहा कि यह कितने आश्चर्य की बात है कि एक ओर तो घुसपैठ बढ़ रही है, आतंकवाद की घटनाओं में वृद्धि हो रही है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने राज्य से 35000 सैनिकों को चुपके से निकाल दिया है और उन सुरक्षाकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है जिनके विरुद्ध मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप थे। भाजपा नेता ने कहा कि आपसी सहयोग की बहाली के नाम पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के साथ व्यापार भी चल रहा है, यह व्यापार कैसा है इस पर कड़ी नजर रखने की बजाय कोताही बरती जा रही है। द

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