दु:ख से उबरकर आगे बढ़ने का संकल्प
गत 9 और 10 मई को स्व. प्रमोद महाजन को श्रद्धाञ्जलि अर्पण हेतु क्रमश: मुम्बई तथा दिल्ली में भावनापूर्ण श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया। मुम्बई में श्रद्धाञ्जलि सभा का आयोजन राजाशिवाजी विद्यालय, दादर में हुआ जिसमें श्री लालकृष्ण आडवाणी, श्री शरद पवार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री विलासराव देशमुख, श्री राजनाथ सिंह, श्री गोपीनाथ मुण्डे, श्री रामदास आठवले, श्री अशोक राव कुकड़े (क्षेत्रीय संघचालक, रा.स्व.संघ), श्री राज ठाकरे, श्री प्रकाश आम्बेडकर प्रभृति नेताओं ने श्रद्धाञ्जलि अर्पित की। उल्लेखनीय है कि गत 6 मई को प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह अपनी पत्नी श्रीमती गुरशरण कौर तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री पृथ्वीराज सिंह चौहान के साथ स्व. प्रमोद महाजन के घर जाकर उनके परिवारजन से मिलकर आए थे और स्व. महाजन को अपनी व्यक्तिगत श्रद्धाञ्जलि अर्पित की थी।
नई दिल्ली में शीर्षस्थ भाजपा नेताओं के अलावा अनेक दलों के कई नेताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस सभा में विशेष रूप से श्रद्धांजलि देने के लिए रा.स्व. संघ के सरकार्यवाह श्री मोहनराव भागवत आए थे।
पं. जसराज ने अपने भावपूर्ण गायन- "कहां गए तुम मेरे श्याम" से सबकी आंखों में आंसू ला दिए। श्री लालकृष्ण आडवाणी तो अपनी श्रद्धाञ्जलि अर्पित करते हुए इतने भावुक हो गए कि वे अपना श्रद्धाञ्जलि वक्तव्य भी पूरा नहीं कर पाए। पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री वाजपेयी ने कहा कि अब नये लक्ष्मण को ढूंढना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रमोद महाजन अपने गुणों और सामथ्र्य के बल पर लक्ष्मण बने थे। किसी ने उन्हें लक्ष्मण बनाया नहीं।
लोकसभा अध्यक्ष श्री सोमनाथ चटर्जी ने श्री प्रमोद महाजन के राजनीतिक गुणों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि महाजन के निधन से उन्हें गहरी व्यक्तिगत क्षति हुई है। कांग्रेस की ओर से श्रीमती सोनिया गांधी का शोक संदेश लेकर आए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि स्व. महाजन अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहे थे। जनता दल (यू) के अध्यक्ष श्री शरद यादव ने कहा कि सहसा विश्वास ही नहीं होता कि प्रमोद जी हमारे बीच नहीं हैं। उनका जाना अभी तक बर्दाश्त नहीं हो पा रहा है। अकाली दल के श्री रतन सिंह अजनाला ने कहा कि "एक ऐसा हीरा, जिससे हम बहुत कुछ हासिल कर सकते थे, हमसे बिछुड़ गया।" शिवसेना के वरिष्ठ नेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्री मनोहर जोशी ने प्रमोद महाजन के निधन को इस दशक की बड़ी दुर्घटना बताते हुए बड़ी तीखी बात कही कि-उनकी मृत्यु से भाई-भाई के रिश्ते की भी मृत्यु हो गई। द्रविड़ मुनेत्र कषगम के वरिष्ठ नेता श्री टी.आर. बालू ने कहा कि मैंने अपना मित्र खोया, भाजपा ने अपना सेनापति और राष्ट्र ने एक युवा नेतृत्व। रिपब्लिकन पार्टी के नेता श्री रामदास आठवले ने कहा कि स्व. महाजन और मेरा लोकसभा चुनाव में आमना-सामना हुआ। एक बार उन्होंने मुझे हराया दूसरी बार मैंने उन्हें, पर हमारी मित्रता नहीं टूटी। समाजवादी पार्टी के महासचिव श्री अमर सिंह ने कहा कि श्री प्रमोद महाजन सरीखे लोगों की कभी मृत्यु नहीं होती। वे दिलों में जिन्दा रहते हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री ए.बी. वर्धन ने कहा कि श्री प्रमोद महाजन में संगठन करने और व्यवहार बनाए रखने की अद्भुत क्षमता थी। उससे न केवल भाजपा को लाभ हुआ बल्कि अन्य दलों के लोग भी प्रेरणा लेते रहे। बदलते जमाने के साथ राजनीतिक दलों को चलना है तो उन्हें प्रमोद महाजन सरीखे राजनेताओं की आवश्यकता होगी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के संयोजक श्री जार्ज फर्नांडीस ने कहा कि स्व. महाजन के अलावा इतनी अल्पायु में देश की राजनीति में इतना बड़ा योगदान और कोई नहीं दे पाया। पूर्व प्रधानमंत्री श्री इन्द्र कुमार गुजराल ने कहा कि जितने दिन प्रमोद जी अस्पताल में मृत्यु से संघर्ष करते रहे, समाचारों से जुड़े रहने वालों के मन में अजीब सी उथल-पुथल रही। और उनकी मृत्यु से हर संवेदनशील मन उदास हुआ, भले ही वह भाजपा का शुभचिंतक था या नहीं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पार्टी स्व. महाजन की स्मृतियों को विस्मृत नहीं करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी हित में स्व. महाजन के संगठन कौशल और साथ चलने के व्यवहार को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें।
रा.स्व.संघ के सरकार्यवाह श्री मोहनराव भागवत ने कहा स्व. प्रमोद महाजन सरीखा व्यक्तित्व दो क्षणों में नहीं बनता, वर्षों लगते हैं, दसियों हजार कार्यकर्ताओं पर प्रयत्न होते हैं तो कोई एक कार्यकर्ता ऐसा बनता है जिसका चुम्बकीय व्यक्तित्व लोगों को आकर्षित करे। श्री भागवत ने कहा कि जो चले गए उनके जाने से काम तो नहीं रुकेगा, अभियान नहीं रुकेगा। पर हम कुछ ऐसा करें जिससे स्वर्गस्थ आत्मा को लगे कि उसके द्वारा किया गया कार्य व्यर्थ नहीं गया।
पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि जब कभी भी भारत के भविष्य की चर्चा होगी, लोकतंत्र पर आने वाले संकटों की चर्चा होगी और समाज में परस्पर भेद के कारण कुछ कठिनाइयां पैदा होंगी उस समय प्रमोद जी की याद आएगी। उनकी सिद्धान्त-प्रियता, कर्मठता, लोक- संग्रह की कुशलता और सबको साथ लेकर चलने की कला सदैव हमारा मार्गदर्शन करती रहेगी। समारोह में कांग्रेस के लोकसभा में मुख्य सचेतक श्री पवन कुमार बंसल एवं केन्द्रीय मंत्री श्री आनंद शर्मा, समाजवादी पार्टी के डा. रामगोपाल यादव, म.प्र. के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, झारखण्ड के मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा, बिहार के उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी सहित भाजपा के अधिकांश वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। श्रद्धाञ्जलि सभा हेतु राष्ट्रपति डा. अब्दुल कलाम, पूर्व प्रधानमंत्री श्री वी.पी. सिंह सहित अनेक देशों के दूतावासों के शोक संदेश मिले थे। स्व. प्रमोद महाजन के पुत्र राहुल महाजन, पुत्री पूनम एवं बहनोई श्री गोपीनाथ मुण्डे भी श्रद्धाञ्जलि सभा हेतु मुम्बई से विशेष रूप से आए थे। प्रतिनिधि
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