डा. वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

पं. चंद्रकांत बाली को प्रशस्ति पत्र सौंपकर सम्मानित करते हुए श्री अशोक सिंहल
संस्कृति-विरोधियों से संघर्ष करने वाली लेखनी का सम्मान
-अशोक सिंहल, अन्तरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष, विश्व हिन्दू परिषद्
गत 26 फरवरी को नई दिल्ली में 7वां डा. वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार प्रसिद्ध इतिहासकार पंडित चन्द्रकांत बाली को दिया गया। विश्व हिन्दू परिषद् के अन्तरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष श्री अशोक सिंहल ने पुरस्कार के रूप में उन्हें 30 हजार रुपए का चेक और प्रशस्ति पत्र भेंट किया। उल्लेखनीय है कि यह पुरस्कार बाबा साहब आपटे स्मारक समिति द्वारा प्रतिवर्ष उन इतिहासकारों को दिया जाता है, जिन्होंने भारतीय मूल्यों के अनुकूल इतिहास की रचना में अमूल्य योगदान दिया है। पंडित बाली से पूर्व यह पुरस्कार श्री एन.एस.राजाराम, डा. विजय मोहन कुमार पुरी, प्रो. शिवाजी सिंह, डा. कल्याणरमण जैसे प्रसिद्ध इतिहासकारों को दिया जा चुका है।
पंडित बाली को सम्मानित करने के बाद श्री अशोक सिंहल ने कहा कि इतिहासकार के रूप में पंडित बाली ने उन दिनों अकेले संघर्ष किया था जब भारतीय सभ्यता और संस्कृति के विरुद्ध लेखन किया जा रहा था।
समारोह के अध्यक्ष डा. विजय मोहन कुमार पुरी एवं मुख्य वक्ता प्रो. गिरिराज कुमार थे। इस अवसर पर अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय महासचिव डा. राजेन्द्र कुशवाह, रा.स्व.संघ के वरिष्ठ प्रचारक ठाकुर राम सिंह एवं अ.भा. विद्वत परिषद् के प्रमुख डा. सुरेश वाजपेयी सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
प्रतिनिधि
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