कोई हिन्दू संगठन ऐसे काम कर अपने पांवों पर ही कुल्हाड़ी क्यों मारेगा?
- कुशाभाऊ ठाकरे
राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा
ईसाइयों के साथ हो रहीं कुछ घटनाओं के बारे में भाजपा अध्यक्ष श्री ठाकरे ने पाञ्चजन्य से एक बातचीत में अपने विचार व्यक्त किए। जो यहां प्रस्तुत हैं। सं.
चर्च या ईसाइयों के प्रति हो रही सभी हिंसक घटनाओं का विरोध होना चाहिए। जो भी इनका दोषी हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लेकिन जिस प्रकार पिछले कुछ महीनों से लगातार समाचार आ रहे हैं, समाचार गढ़े जा रहे हैं, इनमें से कुछ सही हैं, कुछ गलत हैं, मुझे लगता है, इस सम्बंध में गंभीरता से विचार करना चाहिए, अब स्थिति ऐसी आ गई है कि इसे हल्के या सामान्य ढंग से नहीं लिया जा सकता। क्योंकि इस मामले में वि·श्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल को बदनाम किया जा रहा है, अप्रत्यक्ष रूप से सरकार को बदनाम किया जा रहा है। आप बताइए विहिप या बजरंग दल ऐसा क्यों करेगा? इससे तो उनकी बदनामी हो रही है। जिस काम से मेरी बदनामी हो, वह काम मैं क्यों करूंगा? कोई अपने पैरों पर कुल्हाड़ी क्यों मारेगा? तो इन घटनाओं में विहिप या बजरंग दल का हाथ होने की बात कहां से आयी? यह सारा खेल उन लोगों का है, जिनका एकमात्र उद्देश्य है किसी तरह विहिप, बजरंग दल और सरकार को बदनाम किया जाए। लेकिन ये लोग कौन हैं? इसकी जांच होनी चाहिए। ताकि सच सामने आए। किसी भी संगठन या व्यक्ति पर आरोप लगाने से पहले कुछ सबूत तो होने चाहिए आपके पास। आप सबूत दो, मामले को न्यायालय में ले जाओ, दोषियों को सजा दो। अफसोस कि वह तो हो नहीं रहा, सिर्फ आरोप लगाए जा रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है, इस सबके पीछे एक बड़ा षड्यंत्र है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने इस दिशा में अच्छा कदम उठाया कि दोनों पक्ष बैठें और बातचीत करें। उस बातचीत से ही कोई रास्ता निकलेगा। जब किसी की हत्या भी होती है तो न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह देखा जाता है कि इस हत्या से किसे लाभ हुआ? क्या सम्पत्ति के लिए किया या किसी अन्य उद्देश्य से हत्या की गई? लेकिन इस मामले में तो वि·श्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल बदनाम हो रहा है। और इससे जुड़े लोग इतने मूर्ख तो नहीं हैं कि अपने पैरों खुद कुल्हाड़ी मार लेंगे।
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